Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

Advertisement

सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मिली मंजूरी, बिहार के विकास का नया द्वार: राजीव प्रताप रूडी
एआई समिट में कांग्रेस के हंगामे के विरोध में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, इनकम टैक्स गोलंबर पर फूंका राहुल गांधी का पुतला
युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम सफल, बिहार और उत्तराखंड के युवाओं के बीच बढ़ा सांस्कृतिक संवाद
भारतीय संविधान की विषय वस्तु
उपभोक्तावादी मानसिकता से ऊपर उठकर प्रकृति के साथ संतुलन में रहकर विकास कार्य करने की है आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत 02 लाख से अधिक प्रभावित किसानांे के खाते में 100 करोड़ रूपये से अधिक की राषि का किया अंतरण
मुख्यमंत्री ने आई0जी0आई0एम0एस0, पटना में 1200 शैय्या के नये अस्पताल भवन सह आवसीय भवन के निर्माण कार्य का लिया जायजा, तेजी से पूर्ण करने का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने बिहार कैंसर काॅन्क्लेव-2026 का दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन
आज मातृभाषा दिवस है
22 फरवरी 2026, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ?क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से|
स्थापना दिवस पर हुआ सम्मान समारोह का आयोजन
हमने जीना सीख लिया है—
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंदे मातरम को दिए सर्वोच्च सम्मान
“पहले इंसान बनो”
मातृभाषा के बिना अधूरी है संस्कृति की पहचान: सत्येंद्र कुमार पाठक
भद्रा, पूर्णिमा और चंद्रग्रहण के बीच इस बार कैसे मनाई जाएगी होली?
पटना में ब्रह्मर्षि विकास मंच फाउंडेशन का छठा स्थापना दिवस, सरकार की नीतियों पर जताया विरोध
गया में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर एक भव्य संगोष्ठी हुई। इस संगोष्ठी में गया के प्रबुद्धजन, साहित्यकार, शिक्षाविद, और समाजसेवी शामिल हुए। संगोष्ठी की अध्यक्षता ब्राह्मण महासभा और कौटिल्य मंच के अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र ने की।
नीतीश कुमार के सात निश्चय 3.0 के तहत पर्यटन बना विकास और समृद्धि का प्रमुख इंजन - डा0 जितेंद्र कुमार
अपराध नियंत्रण में बिहार देश के कई राज्यों से बेहतर - अंजुम आरा
कांग्रेस देश की शानदार उपलब्धियों को कभी स्वीकार नहीं कर सकती: रामकृपाल यादव
बेटी की विदाई
मातृभाषा: सांस्कृतिक अस्मिता का आधार