चीनी एप्स पर भारत में पाबंदी लगने से क्या होगा,भारत को इससे क्या हासिल होगा?
सौरभ कुमार
पिछले कुछ दिनों से भारत-चीन सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।हालात इतने खराब हैं कि एक बार खूनी संघर्ष भी हो चुका है, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो चुके हैं। तब से पूरे देश में चीनी सामान के बहिष्कार की मांग उठ रही है। लोगों ने तो चीन के ऐप, मोबाइल और तमाम सामान का इस्तेमाल बंद करना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच मोदी सरकार ने चीन के 59 एप्स बैन करने का फैसला किया है, जिसमें टिकटॉक समेत कई लोकप्रिय एप्स शामिल हैं।
चीन के 59 ऐप बैन होने के मायने क्या हैं और इससे चीन को कितना नुकसान हो सकता है?
1- टिकटॉक भारत में खूब लोकप्रिय, चीन की कमाई रुकेगी
आज के समय में टिकटॉक को कौन नहीं जानता। बहुत से लोग तो टिकटॉक से ही स्टार तक बन गए। चीनी कंपनी बाइटडांस का ये प्रोडक्ट भारत में करीब 11.9 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। इसके बैन होने से चीन को तो नुकसान होगा ही, लेकिन उन भारतीयों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा जिनके लिए टिकटॉक कमाई का एक जरिया बन चुका था. बैन करने के सरकार के फैसले की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के कई सितारों ने भी जमकर सराहना की है। सब ने एक ही बात कही है ... पहले देश और उसके बाद ही कोई और चीज ... यानि देशभक्ति के आगे चीनी एप्स ने दम तोड़ दिया है।कई फिल्मी सितारों की टिकटॉक वीडियो से ना केवल अच्छी कमाई होती थी बल्कि उनके फैन्स फॉलोइंग भी बढ़ते थे वाबजूद इसके एप्स बैन होने के बाद ये फ़िल्मी सितारें काफी खुश है
2- हेलो के भारत में 5 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर
भारत में इन दिनों हेलो एप्स भी खूब पॉपुलर हो रहा है। ये भी चीनी कंपनी बाइटडांस का ही एक प्रोडक्ट है। मौजूदा समय में भारत में हेलो एप्स के करीब 5 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं। चीन का ये एप्स भारत के शेयरचैट एप्स को तगड़ी टक्कर देता है। इसके बैन होने से एक बार फिर शेयरचैट को लोगों का अटेंशन मिलेगा।
3- लाइकी के कितने यूजर?
देश में लाइकी के कुल 11.5 करोड़ यूजर हैं। ये ऐप टॉप-7 एप्स में से है, जिन्हें लोग खूब पसंद करते हैं। चीन के इस एप्स को भी बैन किया जा चुका है।
4- यूसी ब्राउजर का आधा बिजनेस भारत से
चीन को छोड़कर बाकी दुनिया में यूसी ब्राउजर को करीब 1.1 अरब लोगों ने डाउनलोड किया हुआ है। इसमें करीब आधा हिस्सा सिर्फ भारत का है। यानी भारत में करीब 50 करोड़ यूजर्स चीन के यूसी ब्राउजर को इस्तेमाल करते हैं। इस समय भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या 50 करोड़ से कुछ अधिक है। यानी ये कहना गलत नहीं होगा कि बहुत ही कम ऐसे मोबाइल हैं, जिनमें यूसी ब्राउजर नहीं है।
5- MI एप्स बैन से शाओमी को होगा बड़ा नुकसान
चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी श्याओमी (Xiaomi) भारत में नंबर-1 पर है। यह तो भारत में इतनी लोकप्रिय है कि इसने एक चौथाई से भी अधिक बाजार पर कब्जा किया हुआ है। 2019 की तीसरी तिमाही में भारत में श्याओमी के 26 फीसदी यूजर थे। शाओमी यूजर्स अब मी कम्युनिटी (Mi Community) और मी विडियो कॉल-शाओमी (Mi Video Call-Xiaomi) जैसे ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
चीन की एप्स से होती थी डाटा की चोरी
चीनी एप्स देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से काफी खतरनाक हैं। इन चाइनीज एप्स के सर्वर भारत से बाहर मौजूद हैं। इनके जरिये यूजर्स का डाटा चुराया जा रहा था।दरअसल भारत की एप्स आधारित अर्थव्यवस्था में चीनी एप्स के वर्चस्व में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही थी। वर्ष 2017 में गूगल एप में दर्ज भारत में 100 सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले एप्स में से केवल 18 चीन के थे। लेकिन उसके बाद महज साल भर के भीतर यानी 2018 में भारत के टॉप रेटेड 100 एप्स में चीन के एप्स की संख्या 44 तक पहुंच गई थी। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून सेक्शन 69ए के तहत इन चीनी एप्स को प्रतिबंधित किया है। पिछले कुछ दिनों से 130 करोड़ भारतीयों की प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की जा रही थी। साथ ही सरकार को मिल रही शिकायतों से स्पष्ट था कि एंड्रॉयड और आइओएस प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ चीनी मोबाइल एप्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।ये एप्स गुपचुप और अवैध तरीके से यूजर का डाटा चोरी कर भारत के बाहर मौजूद सर्वर पर भेज रहे थे।
एप्स से कैसे होती है डाटा की चोरी
जब कभी आप अपने स्मार्टफोन में कोई एप्स इंस्टॉल करते हैं तो वह आपसे कई प्रकार के ऐक्सेस की परमिशन मांगता है।आम लोग इस बात पर शायद ही ध्यान देते है कि एप्स हमारे स्मार्टफोन के किन-किन चीजों का ऐक्सेस मांगता है।
एप्स आपके स्मार्टफोन से तमाम डाटा जैसे आपके कॉटैक्ट, लोकेशन, ब्राउजर हिस्ट्री आदि को किसी भी थर्ड पार्टी यूजर को दे सकता है। इसके लिए आप पहले ही उसे परमिशन दे चुके होते हैं। एप्स आपसे इंस्टॉल करने के टाइम पर ही इन फीचर्स का एक्सेस मांगता है। एप्स खुद से ये डाटा कलेक्ट नहीं करता है। ज्यातादर एप्स कई प्रकार के फीचर और कोडिंग का इस्तेमाल करते हैं जो अन्य यूजर्स के होते हैं, इसे थर्ड पार्टी लाइब्रेरी कहते है। ये लाइब्रेरी डेवलपर्स को यूजर के सोशल मीडिया कनेक्ट होने में मदद करता है। साथ ही ऐड दिखाकर पैसे कमाने में भी मदद करता है। ज्यादातर एप्स आपको ट्रैक भी करते हैं। ये एप्स इंटरनेट से कनेक्ट होने पर आपकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। ये एप्स आपके सोशल मीडिया ऐक्सेस, ब्राउजिंस हिस्ट्री की मदद से आपकी एक ऑनलाइन प्रोफाइल भी बना लेते हैं।
डाटा चोरी से बचने के उपाय क्या है।
वैसे तो इन एप्स और डाटा चोरी से बचने का कोई सीधा तरीका नहीं है, लेकिन थोड़ी सावधानी दिखाकर आप इससे बच सकते हैं। थर्ड पार्टी एप्स कम से कम डाउनलोड करें, किसी भी एप्स को परमिशन देते हुए ध्यान दें कि वह आपसे कौन कौन से फीचर का ऐक्सेस मांग रहा है। इसका ध्यान रखकर आप बच सकते हैं।
चीन की 59 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध से मोबाइल एप्स चलाने वाली कंपनियों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चीनी मीडिया के मुताबिक अकेले TikTok पर प्रतिबंध से TikTok की पेरेंट कंपनी बाइटडांस को 6 अरब डॉलर यानि लगभग 45000 करोड़ रुपए का घाटा हो सकता है। सिर्फ 1 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध से अगर चीनी कंपनी को इतना बड़ा नुकसान होता है तो फिर अनुमान लगाया जा सकता है कि 59 मोबाइल एप्स के बंद होने से चीन को कितना बड़ा झटका लग सकता है।
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