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न सडक . न शौचालय, न शुद्ध पानी न विद्यालय यही है फतुहा विधानसभा की पहचान |

न सडक . न शौचालय, न शुद्ध पानी न विद्यालय यही है फतुहा विधानसभा की पहचान  |

 भारतीय जन क्रान्ति दल के फतुहा विधानसभा प्रत्याशी विजय शुक्ल ने लोगो के बीच जा कर अपने चनावी अभियान की शुरुआत की उन्हों ने कहाकि क्या किसी क्षेत्र के विकास के लिए पांच साल कम है?पिछले १५ सालो से एक ही व्यक्ति इस क्षेत्र विधायक है परन्तु आज तक फतुहा जहाँ था वही है |कभी वादा किया गया था कि फतुहा को पूर्ण अनुमंडल बनाएगें जो आज तक पूरा नहीं हो पाया |राजद के बाद राजग सरकार में मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने फतुहा की जनता का भरोसा जीतने के लिए फतुहा को पुलिस अनुमंडल बना दिया, लेकिन अभी भी फतुहा को पूर्ण अनुमंडल नहीं बना पाए आखिर क्यों ? अनुमंडल न बनने के कारण लोगों को न्यायिक कार्यो के लिए 22 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस क्षेत्र की जनता को आज तक शुद्ध पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल प् रही है | शहर में कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। शहरों में गंदगी का अंबार है। फतुहा थाने के पास एनएच 30 के पास डपिंग जोन बना दिया गया है जिससे लोगों को चलना मुश्किल हो चूका है । फतुहा का हृदयस्थल फतुहा चौराहा और स्टेशन रोड अतिक्रमण की चपेट में है। ऑटो पड़ाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण चौराहे पर अतिक्रमण के कारण लोगों का चलना मुश्किल है। लाखों की आबादी के लिए फतुहा में राजकीय अस्पताल तो, लेकिन यहां चिकित्सकों की कमी है। इमरजेंसी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण गंभीर मरीजों को पटना रेफर कर दिया जाता है। सडको की हालत इतनी अच्छी है की कब किसे दुर्घटना का सामना करना पड़े कहना मुश्किल है | किसी भी क्षेत्र में एक भी पुस्तकालय की व्यवस्था नहीं है
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