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बक्सर के सांसद और विधायकों के कारण शाहाबाद का इकलौता राजकीय श्री धनवंतरि महाविद्यालय दशकों से आईसीयू में

बक्सर के सांसद और विधायकों के कारण शाहाबाद का इकलौता राजकीय श्री धनवंतरि महाविद्यालय दशकों से आईसीयू में  


                   भारतीय जनक्रांति दल डेमोक्रेटिक के बक्सर सदर प्रत्याशी श्रीमती गीता चौबे ने कहा है कि बक्सर के सांसद और विधायकों के कारण शाहाबाद का इकलौता राजकीय श्री धनवंतरि महाविद्यालय दशकों से आईसीयू में है I इन्होने कहा है कि “शाहाबाद का इकलौता आयुर्वेद कॉलेज बक्सर के अहिरौली में है I आज यह अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। अहिरौली बांध पर स्थित राजकीय श्री धनवंतरि महाविद्यालय आज खंडहर में तब्दील हो गया है। यह एक ऐसा अजूबा कॉलेज है जहां बच्चों की पढ़ाई नहीं होती है। इस कॉलेज में वर्ष 2003 से ही नामांकन बंद है। अब ना तो यहां कोई क्लास रुम बचा है और न हीं पढ़ाने के लिए लेक्चरर ही हैं। जानकारी के अनुसार यहां पंद्रह लेक्चरर का पद है। फिलहाल यहां तीन लेक्चरर हैं, जिसमें एक प्राचार्य के प्रभार में हैं।

                 सरकारी करण होने के बाद से हीं बदहाल हुआ है यह शाहाबाद का इकलौता आयुर्वेद कॉलेज I  इस कॉलेज की स्थापना 1972 में हुई थी। इसका सरकारी करण वर्ष 9 दिसंबर 1987 में हुआ। इससे पहले इस कॉलेज का प्रबंधन प्राइवेट लोगों के हाथों में था। तब इस कॉलेज की स्थिति काफी बेहतर थी। क्लास रुम, प्रयोगशाला समेत अन्य सुविधाएं थी। जब से सरकारी कारण हुआ है तब से ही इसकी दशा बिगड़ने लगी।  

               कभी छात्र-छात्राओं से गुलजार रहता था श्री धनवंतरि महाविद्यालय I यहां पांच सौ छात्र-छात्राओं का बैच चलता था। जिले के अलावा उत्तर प्रदेश से भी छात्र-छात्राएं आयूष चिकित्सा की पढ़ाई करने के लिए आते थे। आज यहां विरानगी छाई रहती है। जो क्लास रुम और प्रयोगशाला थे वह खंडहर का रुप ले लिए हैं। बिना छत के प्रयोगशाला और क्लास रुमों में टूटी कुर्सियां और टेबल पड़ा हुआ है। यहां के प्राचार्य भी अपने कॉलेज की हालत को देख चिंतित रहते हैं। प्राचार्य ने सरकार से गुहार लगाई यहाँ तक कि यहाँ के सांसद और विधायको से भी मनुहारी की लेकिन किसी ने इसकी सुधि लेना मुनासिब नहीं समझा I बक्सर सदर से निर्वाचित हुए अब तक के किसी विधायक ने भी कभी विधानसभा में इसपर प्रश्न नहीं किया I इस कॉलेज में लेक्चरर, मेडिकल अफसर समेत कुल एक सौ बारह पद सृजित है। जबकि, यहां कुल बत्तीस लोग ही कार्यरत हैं। एक कर्मी संविदा पर है।  

               कॉलेज के पास अपना एक एकड़ अड़तीस डिसमिल जमीन है। जिस पर भवन बनाने के लिए वर्ष 2007 एवं 2011 को छह से सात करोड़ रुपये का स्टीमेट विभाग को दिया गया था। यहाँ तक कि प्राचार्य की ओर से भवन बनाने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री को आवेदन दिया गया है बावजूद आज तक किसी भी तरह की कोई पहल नहीं हुई।“

               भारतीय जनक्रांति दल डेमोक्रेटिक के बक्सर सदर प्रत्याशी श्रीमती गीता चौबे ने कहा है कि बिहार सरकार अगर मेरे आवेदन को गंभीरता से नहीं लेती है तो इसके खिलाफ पटना उच्च न्यायलय में जनहित याचिका दायर करुँगी I इन्होने कहा कि किसी भी स्थिति में शाहाबाद के इकलौता राजकीय श्री धनवंतरि महाविद्यालय के अस्तित्व को मिटने नहीं दूंगी I जरुरत हुआ तो इसके लिए जन आंदोलन भी किया जायेगा I
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