Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

दोस्ती

दोस्ती

दिल का रिश्ता
 यूं तो रिश्ते सभी
 होते हैं करीब
 माता-पिता भाई-बहन 
मामा चाचा और भी कई।
 अनोखा रिश्ता पति पत्नी का
  रिश्ते सभी प्यारे  न्यारे हैं
 अरे दोस्ती स्वयं का सोचा समझा
 खुद की भावनाओं की 
 कभी चासनी मे  तो 
कभी नमक में डुबोया
 दिल  से वशीभूत
 एक प्यारा सा रिश्ता है।
 दिल का मामला है, साहब 
 सिर्फ दिल ही इंवॉल्व है इसमें
 मतलब के रिश्ते बनते
 चलते हैं बाजार में
 मगर दोस्ती में प्यार अपनापन
 भरा होता है।
 यह रिश्ता  ना अमीर 
देखता ना गरीब
 कृष्ण सुदामा एवं 
कर्ण दुर्योधन की दोस्ती
 यूं ही नहीं होते
 गर अमीरी गरीबी होती 
इन रिश्तो मे।
 मेरा भी सीधा सा फंडा है दोस्त ,
 जिंदगी में दोस्त डस्टबिन
 की तरह होते हैं
 अपने गम अवसाद डाल दो सभी इनमें
 बदले में सफाई स्वच्छता औ
 खुशियां ही मिलेंगे
 तुम्हें सर्वोत्तम रिश्ता
 मित्रता का रिश्ता।
 धन्यवाद 
अंशु तिवारी पटना
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ