मेरी कमीज -तेरी कमीज से सफ़ेद
मेरी कमीज -तेरी कमीज से सफ़ेद, बस यही बताते रहो,
अपना निकम्मापन, दूसरों पर आरोप लगा छिपाते रहो।
सियासतदानों, तुम क्या जानो भूख गरीबी का मतलब,
आंकड़ों के खेल में, उपलब्धियों का ढोल बजाते रहो।
कोरोना के संकटकाल में भी, देख ली औकात आप की,
आक्सीजन का ब्लैक, दवा- बिस्तर में हेराफेरी आप की।
काम धन्धे बन्द पड़े सब, मजदूर अपने- अपने राज्यों में,
शराब की दुकानों पर भीड़, राशन की सियासत आप की।
आरोप लगाने का खेल, कब तलक खेलोगे बता दो,
झूठ की बिसात पर गोटी, कब तलक चलोगे बता दो?
मर गये कोरोना वारियर्स अनेकों, जो सेवा में रत थे,
हिन्दू- मुस्लिम में भेदभाव, कब तलक करोगे बता दो?
एक को एक करोड़, बाकी को अंगूठा दिखा दिया,
मौत को भी आप ने, हिन्दू मुस्लिम में जता दिया।
मस्जिद में इमाम- मौलानाओं को सरकारी सैलरी,
मन्दिरों पर बुलडोजर, आप का धर्म बता दिया।
डॉ अ कीर्तिवर्धन
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