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गोवा में दो नये पहलवान

गोवा में दो नये पहलवान

(अशेाक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)

अगले साल जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं उनमें एक राज्य गोवा भी है। देश का यह राज्य अलग मिजाज रखता है लेकिन दो बड़ी पार्टियों- कांग्रेस और भाजपा ने ही इसकी सत्ता की लगाम थामी है। पिछली बार तो कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होते हुए भी सरकार नहीं बना पायी और भाजपा ने वहां भी भगवा फहरा दिया। कांग्रेस के पास अब तीन विधायक बचे हैं। इसलिए यहां भी चुनावी दंगल मनोरंजक रहता है। इस बार इस दंगल में दो नये पहलवानों- तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल ने उतर कर चुनाव को ज्यादा आकर्षक बना दिया है।

गोवा में इस बार आम आदमी और टीएमसी पूरी ताकत लगाए है। आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन की संभावना से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि खंडित जनादेश की सूरत में वह विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद गैर-भाजपा दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप गोवा विधानसभा की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और पार्टी की तरफ मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर आने वाले दिनों में घोषणा करेगी। केजरीवाल ने भाजपा के दिग्गज दिवंगत नेता मनोहर पर्रिकर की भी सराहना की और कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में अगर किसी को घुटन महसूस हो रही है तो वो आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकता है। पणजी दौरे के दौरान केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश की सूरत में बेहद आवश्यक होने पर चुनाव बाद गैर-भाजपा दलों से गठबंधन कर सकती है। तृणमूल कांग्रेस के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन की संभावना को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा, हमें गोवा में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन क्यों करना चाहिए? हम उनके साथ कोई गठबंधन नहीं करने जा रहे।

केजरीवाल ने कहा कि गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में यदि आप सत्ता में आयी तो वह राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त और ईमानदार सरकार देगी। केजरीवाल ने पणजी में संवाददाताओं से कहा कि आप की दिल्ली सरकार के पिछले कार्य निष्पादन रिकार्ड के आधार पर यह गारंटी दी गई है जहां उसके ही मंत्री को एक दुकानदार से रिश्वत मांगने के आरोप में पद से हटा दिया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मंत्री या विधायक

रिश्वत मांगते पाए जाते हैं तो उन्हें दंड से बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया, ‘हम गोवा में पहली भ्रष्टाचार मुक्त और ईमानदार सरकार देंगे।

उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक राज्य का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ही गोवा में बीजेपी शासन का एकमात्र विकल्प है। उन्होंने तटीय राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, टीएमसी का मतलब मंदिर, मस्जिद और चर्च है। बनर्जी का यह बयान तब आया है जब पीएम मोदी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाराणसी में थे।

गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर बनर्जी ने कहा, हम यहां वोट-विभाजन के लिए नहीं बल्कि वोटों को एकजुट करने और टीएमसी गठबंधन को जीत दिलाने के लिए हैं। यह बीजेपी का विकल्प है। अगर कोई इसका समर्थन करना चाहता है, तो इसका निर्णय उन्हें करना है, हम पहले ही फैसला कर चुके हैं। हम लड़ेंगे और मरेंगे लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।” बता दें कि गोवा एक हिंदू-बहुल राज्य है, जहां ईसाइयों का एक बड़ा हिस्सा है- जो अपने पुर्तगाली अतीत की विरासत संभाले है। राज्य में मुसलमानों की भी अच्छी तादाद है। राज्य में लंबे समय से कांग्रेस का शासन रहा है लेकिन बीजेपी लगभग एक दशक से वहां सत्ता में है। तृणमूल- जो 2022 में होने वाले विधान सभा चुनावों के लिए अपने जनाधार का विस्तार कर रही है- पहले ही कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। बनर्जी ने इशारा किया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद पिछले चुनाव में कांग्रेस ने व्यावहारिक रूप से बीजेपी को वाक-ओवर दिया है। बनर्जी ने सुधीन धवलीकर के नेतृत्व वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ भी गठबंधन किया है, जिसने 2017 में राज्य में बीजेपी को सत्ता में आने में मदद की थी और अभी भी कई इलाकों में उसकी अच्छी पकड़ है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गोवा में अपनी गृह लक्ष्मी योजना की घोषणा की। इसके तहत घर की प्रत्येक महिला मुखिया को हर महीने 5,000 रुपये नकद हस्तांतरण के रूप में मिलेगा। चाहे उनकी आय कुछ भी हो। टीएमसी सांसद और गोवा राज्य प्रभारी महुआ मोइत्रा ने कहा, यह किसी विशेष जाति या समुदाय से संबंधित नहीं है, आपको किसी विशेष आर्थिक रूप से वंचित वर्ग या बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी से संबंधित नहीं होना है। सभी को योजना का लाभ मिलेगा।” उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी जल्दी ही योजना के लाभार्थियों के बीच कार्ड का वितरण शुरू करेगी । इस कार्ड में एक पहचान संख्या होगी और तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद इसका कार्यान्वयन शुरू हो जायेगा । ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी ने घोषणा की है कि यह प्रदेश में सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। तृणमूल कांग्रेस की गोवा की सह प्रभारी महुआ ने कहा, ‘‘प्रदेश के साढे तीन लाख घरों की महिलाओं को गृहलक्ष्मी योजना में शामिल किया जायेगा और अधिकतम आय की व्यवस्था इस योजना पर लागू नहीं होगी जो भाजपा सरकार की मौजूदा गृह आधार योजना में शामिल है।

कुछ समय पहले तक दोस्त जैसे रहे कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस गोवा के विधानसभा चुनाव से अब आमने-सामने हैं। तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने पर महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष नकदी अंतरण योजना शुरू करने के वादे के एक दिन बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, भगवान गोवा का भला करे।

इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गोवा में भी वादा किया कि अगर उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आती है तो गोवा में महिलाओं के लिए नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा ‘‘महिला विरोधी’’ है। वर्ष 2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन सरकार बनाने में विफल रही थी। भाजपा ने तब सरकार बनाने के लिए कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ गठजोड़ किया था। चालीस सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास वर्तमान में केवल तीन विधायक हैं। (हिफी)
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