पार्टी को ले डूबती है नेताओं की बदजुबानी
(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
- आप के राघव चड्ढा ने भाजपा को बताया गुण्डों-लफंगांे की पार्टी
- सपा विधायक शहजिल इस्लाम ने कहा कि अगर उनके (योगी) के मुंह से आवाज निकलेगी तो हमारी (सपा की) भी बंदूकों से धुंआ नहीं बल्कि गोलियां निकलेंगी
आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के बाद पंजाब में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाकर राजनीतिक गलियारे में अपनी जगह पक्की कर ली है। पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल गुजरात और हिमाचल प्रदेश में पार्टी की जमीन तलाश रहे हैं। इन राज्यों में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस बात को पार्टी के नेता नहीं समझ पा रहे हैं। राघव चड्ढा ने अपनी बदजुबानी से पार्टी के लिए संकट खड़ा कर दिया है। भाजपा को गुण्डों-लफंगों की पार्टी बताकर राघव चड्ढा अब सफाई दे रहे हैं। भाजपा के टारगेट पर आम आदमी पार्टी विशेष रूप से है क्योंकि उसके चक्रवर्ती सम्राट बनने में केजरीवाल भी एक बड़ी बाधा बन रहे हैं। राघव चड्ढा ने वही मौका दे दिया है। नेताओं की बदजुबानी पार्टी पर कितनी भारी पड़ती है, यह कांग्रेस से बेहतर और कोई नहीं जानता। गुजरात के विधानसभा चुनाव में 2017 में मणिशंकर अय्यर के बयान ने कांग्रेस की लगभग जीती हुई बाजी को हरा दिया था। उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी दल हैं लेकिन उसके एक विधायक शहजिल इस्लाम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बयान देकर अखिलेश यादव के लिए संकट खड़ा किया है।
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की मुसीबत बढ़ती दिख रही है। भारतीय जनता पार्टी को गुंडों-लफंगों की पार्टी कहने के आरोप में राघव चड्ढा कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। पंजाब में भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष अशोक सरीन ने राघव चड्ढा को कानूनी नोटिस भेजा है और भाजपा पर टिप्पणी के लिए उनसे लिखित माफी की मांग की है।
राज्यसभा सांसद और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने 16 अप्रैल को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा पर अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव ने बीजेपी को ‘गुंडों-लफंगों की पार्टी’ के अलावा बीजेपी को ‘भारत की जाहिल पार्टी’ कहा था। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत भेजे गए कानूनी नोटिस में भाजपा नेता अशोक सरीन ने राघव चड्ढा से 3 दिनों के भीतर लिखित माफी की मांग की है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अगर राघव ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक शिकायत दर्ज की जाएगी। राघव चड्ढा को जारी नोटिस में लिखा गया है, ‘आपने झूठे और द्वेषपूर्ण तरीके से प्रतिष्ठा को कम किया है और समाज के लोगों के मन में भाजपा के खिलाफ दुर्भावना पैदा की है। आपकी ओर से बयान अपमानजनक, आपत्तिजनक और पूरी भारतीय जनता पार्टी के चरित्र हनन के समान हैं।
इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक शहजिल इस्लाम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर उनके (योगी के) मुंह से आवाज निकलेगी तो हमारी (सपा की) भी बंदूकों से धुआं नहीं, बल्कि गोलियां निकलेंगी। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए एक समाचार चैनल पर अपने बयान को संपादित करके जारी करने का आरोप लगाया है। बरेली के भोजीपुरा से सपा विधायक द्वारा की गई टिप्पणी का वीडियो भी वायरल हो गया। भोजीपुरा में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए शहजिल इस्लाम ने कहा था, पहले (2017-2022 तक) हमारे कम विधायक थे तो सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत भला बुरा कहा, बस मुंह से गाली नहीं दी, बाकी सारे क्रिया कर्म कर दिए, लेकिन अब हम लोगों की अच्छी संख्या है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष हैं तो अब अगर योगी आदित्यनाथ अपशब्द कहेंगे तो हम लोग भी चुप बैठने वाले नहीं हैं। हम लोग करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान कर दिया है कि हम समाजवादी लोग सड़कों पर भी लड़ाई लड़ेंगे और सदन के अंदर भी सरकार से लड़ेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि परेशान और निराश होने की जरूरत नहीं है। इस्लाम ने योगी की ओर इशारा करते हुए कहा, वे दिन चले गए जब उनकी तानाशाही चलती थी अब एक मजबूत विपक्ष सदन में मौजूद है।’’ बाद में मीडिया से बात करते हुए, इस्लाम ने कहा, एक समाचार चैनल ने मेरे वीडियो को संपादित किया और फिर वायरल कर दिया। कार्यक्रम में मैंने कहा था कि एक मजबूत विपक्ष होने के नाते हर बात का जवाब मजबूती से देंगे, (उसी तरीके से) जिस तरीके से बंदूक से धुआं नहीं गोलियां निकलती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं गिरने दिया जाएगा।
इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल उन्होंने 2017 में गुजरात चुनाव के दौरान पीएम मोदी पर अपनी नीच संबंधी विवादित टिप्पणी को सही ठहराया था। उन्होंने ब्लॉग लिखकर कहा कि क्या उस वक्त जो भविष्यवाणी मैंने की थी, वो गलत थी। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि 23 मई को जनता मोदी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी। पीएम मोदी के बालाकोट एयर स्ट्राइक संबंधी दावे और दिल्ली के रामलीला मैदान में राजीव गांधी के आईएनएस विराट को निजी टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करने संबंधी बयानों की पृष्ठभूमि में अय्यर ने लिखा था कि 23 मई को सबसे अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी को भारत सटीक जवाब देते हुए बाहर का रास्ता दिखा देगा। इस शीर्षक से लिखे अपने आर्टिकल में अय्यर ने कहा है कि पीएम मोदी को ये चेतावनी दिए जाने की जरूरत है कि सीआरपीएफ जवानों की शहादत पर वोट मांगने जैसा काम कर उन्होंने देश-विरोधी काम किया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने अय्यर को गांधी परिवार की मणि (रत्न) बताते हुए कहा था कि गांधी परिवार की मणि ने भी राहुल गांधी की प्रेम की राजनीति में अपना योगदान दिया है। यह एक व्यंग्य था। अब पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत से गदगद आम आदमी पार्टी की नजर गुजरात चुनाव पर है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को अहमदाबाद में रोड शो किया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दोस्तों मुझे राजनीति करनी नहीं आती, मुझे भ्रष्टाचार खत्म करना आता है। हमने दिल्ली में भ्रष्टाचार खत्म कर दिया। केजरीवाल के इन प्रयासों पर चड्ढा पानी फेर सकते हैं।
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