असानी से निपटने के लिए 50 टीमें
- चक्रवाती तूफान को लेकर मौसम विभाग दे रहा है पल-पल की जानकारी
- बचाव कार्य के लिए 50 टीमें बनायी गयीं
तिरुवनंतपुरम। चक्रवाती तूफान असानी से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल ने कुल 50 टीमों को तैनात किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि 50 टीम में से 22 को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तैनात किया गया है। वहीं बची 28 टीमों को इन राज्यों में अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 12 टीम को तैनात किया गया है जबकि आंध्र प्रदेश में नौ और ओडिशा के बालासोर में एक टीम को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की एक टीम में आमतौर पर 47 जवान होते हैं जो प्रभावित लोगों को बचाने और राहत अभियान शुरू करने के लिए पेड़ काटने वाले औजार, संचार उपकरणों, रबर की नौकाओं और बुनियादी चिकित्सा सहायता से लैस होते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात पहले ही तीव्रता के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है और अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रचंड चक्रवाती तूफान बुधवार को कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और बृहस्पतिवार को गहरे दबाव में बदल जाएगा। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने चक्रवात ‘असानी’ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया, जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से दूर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बढ़ रहा है, जहां नागरिकों की सहायता के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवात के 11 मई की दोपहर तक काकीनाड़-विशाखापत्तनम तटों के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके बाद यह काकीनाड़ और विशाखापत्तनम (कृष्णा, पूर्व एवं पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम जिले) के बीच आंध्र तट की तरफ आगे बढ़ सकता है। चक्रवात के कारण आंध्र के तटीय इलाकों में 75-85 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 95 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि ओडिशा के तटों पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग चक्रवात पर करीबी नजर रख रहा है और अब तक 20 राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर चुका है। वो स्थानीय प्रशासन को लगातार चक्रवात की स्थिति के बारे में सूचित कर रहा है और लोगों की जान बचाने के उपाय सुझा रहा है।
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