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इंसानियत की पाठशाला है परिवार :-- सतेन्द्र कुमार पाठक

इंसानियत की पाठशाला है परिवार :-- सतेन्द्र कुमार पाठक

जहानाबाद 15/05/22: विश्व परिवार दिवस के अवसर पर सच्चिदानंद शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान  की ओर से सृष्टि की बुनियाद में परिवार की  भूमिका विचार संगोष्टी में भारतीय विरासत संगठन के अध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि सृष्टि की बुनियाद में परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है ।  इंसान की नीव और  कल्पना एवं चतुर्दिक विकास परिवार के बिना अधूरी है ।  परिवार की महत्ता,  संकल्पों, जागरुकता और चुनौतियों को रेखांकित करने के लिए प्रत्येक वर्ष  15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है । स्मृति ग्रंथों में उल्लेख किया गया कि इंसान की पाठशाला और ज्ञान का केंद्र विंदु परिवार  है । संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की शुरुआत 15 मई  1993  ई.  को घोषणा की  थी ।  विश्व के लोगों को परिवारों से जोड़ने, सामाजिक प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करने, परिवार से जुड़ी मुद्दों पर समाज में जागरूकता फैलाने की जानकारी देने को लेकर अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस  है । 15 मई  1996 में प्रथम बार गरीबी और बेघरता थीम के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की शुरुआत की गई थी । दुनिया के हर देश में परिवार होता है, जिसमें माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे और कई रिश्ते जुड़े होते हैं। सशक्त देश के निर्माण में परिवार अभूतपूर्व संस्था व्यक्ति के विकास के साथ ही समाज के विकास में योगदान देता है। भारत में रिश्ते-परिवार को बहुत ही सम्मान दिया जाता है। ऐसे में लोग अपने परिवार के साथ यह दिन यादगार तरीके से मनाते हैं। परिवार व्यक्ति का चतुर्दिक विकास का सशक्त माध्यम है । विश्व परिवार दिवस पर जिला कृषक संगठन के अध्यक्ष कामेश्वर सिंह , एस.एस. कॉलेज जहानाबाद के प्रो. उर्वशी कुमारी , अप्पू आर्ट्स के निदेशक अजय कुमार विश्वकर्मा , बिहार जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति के ट्रेनिंग ऑफिसर प्रवीण कुमार पाठक ,  भारतीय विरासत संगठन  जहानाबाद के जिलाध्यक्ष चितरंजन चैनपुरा, शिवम कुमारी, एवं संगठन के मगध प्रभारी अशोक कुमार प्रियदर्शी ने अपने अपने विचार प्रकट किए ।
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