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महिला के संग़ठन के नाम पर महिलाओं से उगाही व महिलाओं के साथ कि जा रही दादागीरी की जांच कराने की मांग

महिला के संग़ठन के नाम पर महिलाओं से उगाही व महिलाओं के साथ कि जा रही दादागीरी की जांच कराने की मांग
समर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह संयोजिका  माया श्रीवास्तव ने देश खासकर बिहार में कुकरमुत्ते की तरह बन रहे महिला संगठन की क्रिया कलापो की जांच करने की मांग सरकार से की है।कुछ महिला संगठन दो तीन महिला के साथ मिलकर महिला ग्रुप खोलकर महिलाओं से शादी कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूल करती है तो कुछ नौकरी के नाम पर पैसा ऐंठ कर बन्द हो जाती है।।एक मिथिलांचल के नाम पर कर्ण गोष्ठी महिला ग्रुप  संगठन है ।मिथिलांचल महिला के नाम पर है।इसके प्रमुख कलकत्ता में रहती है।संगठन को तानाशाह की तरह चलाती जो महिला उसकी जय नही करेगी उस बाहर का रास्ता दिखा देती है।सभी शहरों के एडमिन उसे ही बनाती है जो पैसा दे।कोई महिला अगर हिसाब मांगी तो ग्रुप से बाहर।ग्रुप के बैंक एकाउंट खुला तो कोषाध्यक्ष निकट सम्बन्धी जो दिल्ली में रहती है खुद कलकत्ता में।जिस जगह पर भी जाय वहा अगर गिफ्ट और पैसा न मिले तो एडमिन चेंज। विदेश की एक महिला ने सीताजी की मंदिर बनाने की घोषणा की थी जो आजतक शुरू भी नही हुआ उसमे पूरे देश के महिलाओं से जबर्दस्ती चंदा भेजवा दी।आज दो साल से ऊपर हो गए लेकिन  महिलाओं के पैसे वापस भी नही हुआ।दो साल पूर्व ही दरभंगा में कर्ण कायस्थ महिला कुम्भ के नाम पर पूरे देश से लाखों रुपये मंगवायी।कोरोना के कारण कार्यक्रम नही हुआ लेकिन आज तक पैसा वापस नही हुआ।फिर घोषणा हुआ है दस हजार कर्ण कायस्थ महिला जुटेगी दो सौ जुट जाय बड़ी बात ,हा उगाही जरूर हो जायेगी। इसी ग्रुप से तो कई महिलाओं ने निकल कर दूसरा ग्रुप बना ली।इसी से निकले एक और ग्रुप है कर्ण महिला संघ इसकी संचालिका पटना रहती है।ये खुद नही कुछ करती है चार पांच महिलाओं को खड़ा रखती है वो एक दूसरे पर कीचर उछालना ही काम है।इनके ग्रुप के एक एडमिन को एक दूसरे संस्था के प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिला चूंकि उस संस्था के संचालिका से व्यक्तिगत चिढ़ रहने के कारण उसे एडमिन से हटा दी । इस बात को जिस महिला ने लिखा उसे ग्रुप से ही निकाल दी।इन दोनों ग्रुप के अधिकांश एडमिन जो संचालिका के गुड बुक में है उसमें अधिकांश के खुद के कार्य  मिथिला संस्कृति के खिलाफ है।ये लोग अपने बच्चे को कायस्थ समाज के बदले दूसरे समाज में शादी की है।
श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि अगर ऐसे ग्रुप के क्रिया कलापो की जांच नही हुई तो भविष्य में महिलाओं का विश्वास महिला ग्रुप पर से उठ जायगा।

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