Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

जो लोग अपने धर्म पर अभिमान नहीं करते,

जो लोग अपने धर्म पर अभिमान नहीं करते,

जो लोग अपनी संस्कृति का मान नहीं करते,
राष्ट्र की खातिर क्या सर कटायेंगे कमजर्फ,
जो लोग अपने माँ-बाप का सम्मान  नहीं करते।

धर्म का मतलब अनुशासन है, बात समझ लें,
संस्कार मतलब नियम है, बात समझ लें।
सभ्यता- संस्कृति, पुरखों की विरासत है,
सभ्य आचरण हमको करना, बात समझ लें।

क्या होती है धर्मनिरपेक्षता, कोई बता दे,
किस शब्दावली में लिखा अर्थ, कोई दिखा दे।
जाते हैं जो चर्च और मस्जिद में प्रतिदिन,
धर्मनिरपेक्षता की बातें, कोई उन्हें बता दे।

कहते हैं सब हिन्दू, धर्मनिरपेक्ष हो जाओ,
अपनी संस्कृति से सब, निस्तेज हो जाओ।
हिन्दू करता मान सभी धर्मों का फिर भी,
हमसे ही कहते हैं सब, खामोश हो जाओ।

लुटती अस्मत बहन बेटियों की भारी है,
धर्मान्तरण का खेल अभी भी जारी है।
नहीं किया गर ध्यान इस खेल पर तुमने,
भारत में अलग राष्ट्र निर्माण की तैयारी है।

अ कीर्ति वर्द्धन
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ