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चीन अपने सैनिकों का बदलना चाहता है जीन

चीन अपने सैनिकों का बदलना चाहता है जीन

जीन एडिटिंग की इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। हालांकि लोगों के बीच इसे लेकर फिलहाल जानकारी काफी कम है। बताया जाता है कि इस तकनीक की मदद से प्रकृति के द्वारा बनाई गई रचनाओं में बदलाव किया जा सकता है। इस तकनीक की मदद से डीएनए में बदलाव किया जा सकता है। इसका प्रयोग कई जीवों पर किया जा रहा है और नई नस्ल तैयार की जा रही है। जानवरों के अलावा पेड़ पौधों पर भी इसका प्रयोग किया जा रहा है। अब जीन एडिटिंग को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है। कई देश एक दूसरे पर आरोप लगा चुके हैं कि वो अपने सैनिकों पर जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट ने दावा किया था कि चीन अपने सैनिकों की जीन एडिटिंग कर रहा है। ब्रिटेन ने भी यहीं बात कही थी। ब्रिटेन का कहना था कि चीन सुपर पावर बनने के लिए सैनिकों के डीएनए को बदल रहा है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चीन अब खुफिया तरीके से जीन एडिटिंग पर काम कर रहा है। वह दुनिया को डराने की कोशिश में है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में तत्कालीन इंटेलिजेंस चीफ जॉन रेटक्लिफ ने बताया था कि चीन सबसे ज्यादा जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें डीएनए के कुछ हिस्सों को बदल दिया जाता है।
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