Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

सूरज का प्रभाव

सूरज का प्रभाव

सूरज की किरणों से
धरती जग मगा उठी। 
अंधेरे में किरणों से 
देखो रोशनी हो गई। 
नदी पर्वत सागर देखो
कैसे जग मगा ने लगे। 
पड़े पत्ते फूल फल
आदि खिल उठे।। 

पंछी निकल घोषलो से
दाना पानी खोजने लगे। 
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा में
पूजा अर्चना होने लगी। 
कर्म शालाओं के भी
द्वार खुलने लगे। 
और देखो दिन की
शुरुआत हो गई।। 

चारो तरफ धूप फैलकर
गाँव शहर जग मगा उठे। 
धरती माँ भी तपने लगी 
जिसे फसले लहरा उठी। 
चारो तरफ देखो अब
हरियाली छा ने लगी। 
और पशु पक्षी मानव 
झूम कर गाने लगे।। 

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ