G20 वसुधैव विध्वंसकम प्लान डेमिक की नीतियों में बदलाव के आसार दिखाई दिए:-
दिल्ली में
विश्व धर्मागम योगाश्रम संस्थान के तत्वाधान में स्वामी बालयोगेश्वर की अध्यक्षता
में ब्रह्मर्षि गौरीशंकराचार्य, स्वामी अवधेशानंद आदि,साधु संतों हिंदू
संगठनों की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया 9 मार्च 2023 को हमने भारत सरकार को G20 के फर्जी राष्ट्राध्यक्षो का त्याग करने या दंडित करने की चेतावनी दी थी।
जिसके चार पांच दिन बाद uno अनलिमिटेड नेगेटिव आर्गेनाईजेशन,
यूरोपियन यूनियन, G20 वसुधैव विध्वंसकम प्लान
डेमिक के फर्जी राष्ट्राध्यक्षो को सुधारने में लगा है ऐसा दिखाई दे रहा है। क्रिस्चन पंथगुरु पोप के चेले वैश्विक समस्याओं
को हाई जैक करके अन्यायी, अत्याचारी , अमानवीय
नीतियों द्वारा अमानवीय कार्यो के कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारी चेतावनी के बाद ज्योबाइडेन अमेरिकी
राष्ट्रपति ने कहा कि अफगानिस्तान की तरह यूक्रेन से हमें जाना पड़ेगा l पुतिन पर मुकदमा
चलाने की बात की गई। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा जर्मनी को पूर्ण राज्य का
दर्जा नहीं है । 25 दिन बाद इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया
मिलोनी ने इटली की परंपरा और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए अंग्रेजी का प्रयोग
करने वाले निजी और सरकारी दोनों तरीकों पर
80 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की है। अमरीकी जार्जिया प्रदेश की असेम्बली में
प्रस्ताव पारित किया गया जिसमे कहा गया हिन्दू फोबिया सनातन हिन्दू धर्म को खतरनाक
कहने वालों पर कठोर कार्यवाही होगी। इस पर
बीबीसी डॉक्यूमेंट्री दिखा रहा हैं। सभी प्रमुख समाचारों में दिखाई पड़ रहा हैं, हमारे
मुद्दों पर वैश्विक राजनेता सत्य ,न्याय मानवता के लिए आगे
आये हैं। इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं हम आशा करते हैं फर्जी राष्ट्राध्यक्षो
की पहचान जल्दी पूरी करके G20 के एजेंडे में दानवाधिकार आयोग
उर्फ मानवाधिकार आयोग,अल्पसंख्यक मुद्दों पर, निष्पक्ष कार्य की रूपरेखा बनेगी। अन्यथा G20 वसुधैव
विध्वंसकम सम्मेलन को भारत मे विरोध का सामना करना पड़ेगा।
भारत के
नेताओं को G20 की
प्रतिनिधि श्रीमती जॉर्जिया मिलोनी इटली की प्रधानमंत्री से अंग्रेजी भाषा पर
प्रतिबंध के लिये सबक सीखना चाहिए। इसके लिए भारत के साधु संतों का आशीर्वाद ऐसी
साहसिक महिलाओं के साथ हैं। ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें।
पेटपालू
अधर्मी कंपनियों के दलाल राजनेता असली मुद्दे छुपाकर नए नए मुद्दे बनाकर हिन्दू
जनता को गुमराह कर रहे हैं। धार्मिक भेदभाव,अन्याय, अत्याचार करके हिंदू जनता का शोषण
कर रहे हैं। हिन्दू साधु संतों को बदनाम
करके समाप्त कर रहे हैं। शुध्द खाद्य पदार्थ ,भारतीय
संस्कृति परंपरा, शिक्षा,आयुर्वेद,
गुरुकुल शिक्षा पद्धति, देसी गौवंश, पारंपरिक उपयोगी वृक्षों,पर्यावरण आदि को समाप्त कर रहे हैं। धार्मिक आधार पर भेदभाव करके हिन्दुओ का शोषण
कर रहे हैं। एक भी हिन्दू
बेरोजगार
नहीं होगा यदि हिंदू मंदिरों का पैसा केवल हिंदुओं पर खर्च किया जाए। कोई भी हिंदू
स्त्री धर्मांतरण का शिकार नहीं होगी।
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