सादगी सरलता और आर्जव ,
उच्च विचार के ये पहचान हैं ।उनका जीवन हमें शिक्षा देता ,
वही तो समाज के सम्मान हैं ।।
वही होते जनता के जनार्दन ,
वही तो देश के होते अरमान हैं ।
वही मानव होते सज्जन साधु ,
वही तो बनते राष्ट्र के महान हैं ।।
निर्धन घर का ही निर्धन छात्र ,
अखबार बेचकर वे पढ़ पाए थे ।
विज्ञान ने दिया था उन्हें जगह ,
मिसाईल मैन ही वे कहलाए थे ।।
परमाणु से परिपूर्ण राष्ट्र किया ,
हम सिद्धहस्त वैज्ञानिक पाए थे ।
मनोनीत हुए थे राष्ट्रपति वह तो ,
राष्ट्रपति भूमिका वे निभाए थे ।।
ए पी जे अब्दुल कलाम जी को ,
कोटि-कोटि सादर ये नमन है ।
कलाम जी के देशभक्ति से ही ,
भारत में आज अमन चमन है ।।
पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag
0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com