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नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण

नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण

सनातन आभा शीर्ष स्पंदन,
परिवेश उत्संग आनंद अपार ।
मस्त मलंग नैसर्गिक रवानी,
सर्वत्र धर्म आस्था बहार ।
शुद्ध सात्विक विचार प्रवाह,
पुलकित प्रफुल्लित जन प्राण ।
नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण ।।


इतिहास मनोरमा अद्भुत अनूप,
सृष्टि निर्माण श्री गणेश बेला ।
मनमोहिनी वासंतिक सौंदर्य,
प्रकृति श्रृंगार दुल्हन सा नवेला ।
खेत खलिहान यौवन उभार,
उज्ज्वल भविष्य सुखद निर्माण ।
नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण ।।


शुभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ,
हिंदू नव वर्ष आरम्भ तिथि ।
रग रग नवरात्र ओज अनुपमा,
मां दुर्गा उपासना सहज विधि ।
वंदन सिद्धार्थी मंगल संवत ,
कर्म धर्म गमन पथ निर्वाण ।
नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण ।।


ध्येय कामना हिंदुत्व प्रतिष्ठा,
सत्य न्याय जीवन अभिन्न अंग ।
अंतःकरण स्नेह प्रेम ज्योत,
संबंध अंतर अपनत्व कंग ।
सर्वजन हार्दिक शुभकामनाएं,
हर पल अनंत खुशियां परिमाण ।
नव संवत्सर,हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रमाण ।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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